कल एक मित्र ने पोस्ट लिखी कि मोदी जी की तारीफ़ में तो हज़ारों पोस्ट्स लिखी जा चुकी हैं लेकिन राहुल गाँधी की तारीफ़ में कोई पोस्ट लिख नहीं पाता है।
इसलिए आज मैं राहुल गाँधी जी की खूबियों को लिखने का प्रयास कर रहा हूँ। असल में आदरणीय राहुल गाँधी जी गुणों की खान हैं, वैसे तो ये जनम कम है उनके गुणगान करने के लिए फिर भी छोटा मुँह बड़ी बात, लिखने का प्रयास किया है।
1. राहुल जी के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धि यही है कि उन्होंने नेहरू गाँधी परिवार में जन्म लिया, इससे बड़ा सौभाग्य किसी व्यक्ति के जीवन में क्या हो सकता है?
2. राहुल जी कभी भी अपशब्दों का प्रयोग नहीं करते हैं वो सीधे अध्यादेश फाड़ने जैसे कर्म में विश्वास रखते हैं।
3. राहुल जी संसद में भले ही कोई सवाल नहीं पूछते हों लेकिन भाषणों में सब दूर मोदी जी को ताल ठोंककर चुनौती देते रहते हैं, इतनी हिम्मत किसी और नेता में नहीं है।
4. राहुल जी कभी हार नहीं मानते हैं वो भले ही 32 चुनाव हार चुके हों लेकिन हर चुनाव में अपनी पूरी ताक़त और जोश लगा देते हैं। अब ये शोध का विषय है कि वो जीतने के लिए लगाते हैं या हारने के लिए।
5. हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा के बाद राहुल गाँधी भारत के दूसरे ऐसे व्यक्ति हैं जो बड़ी से बड़ी हास्यास्पद बातों को पूरी गंभीरता से बोलते हैं।
6. पिछली किसी भी हार का या अपने मज़ाक उड़ाए जाने का कोई मलाल राहुलजी के चेहरे पर कभी नज़र नहीं आता है।
7. राहुल जी को संसद में क्या बोलना है ये भी लिखकर देना पड़ता है, एक छोटा सा शोक संदेश भी वो बिना देखे नहीं लिख सकते हैं फिर भी वो भाषण में बड़े आत्मविश्वास से कहते हैं कि मोदीजी उनके सामने 15 मिनट भी नहीं टिक सकते हैं।
8. राहुलजी स्वयं भ्रष्टाचार के आरोप में जमानत पर छूटे हुए हैं लेकिन फिर भी उस मोदीजी पर रफाल डील में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हैं जिन पर आजतक भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा सका है। राहुल जी की इस हिम्मत की दाद देनी पड़ेगी।
9. राहुल जी बस में से पीठ की तरफ़ से उतरते हैं और ऐसा करने वाले वे भारत के पहले व्यक्ति हैं।
10. राहुल जी हज़ारों की भीड़ के सामने कितना भी हास्यास्पद बयान दे दें लेकिन उस ग़लती को वो कभी अपने चेहरे पर ज़ाहिर नहीं होने देते हैं।
11. राहुल जी यूँ तो सोने का चम्मच मुँह में लेकर पैदा हुए थे फिर भी हज़ारों की भीड़ के सामने वो अपना फटा हुआ कुर्ता दिखाने में ज़रा भी नहीं शरमाते हैं। वैसे हालात ये भी बताते हैं कि सिर्फ कुर्ता ही नहीं फटा है, बहुत कुछ फट चुका है।
12. राहुल जी से अगर कोई पत्रकार सवाल करता है तो वो बजाय उस सवाल का जवाब देने के पत्रकार से ही सवाल पूछने लगे जाते हैं या उसका गोलमोल जवाब देते हैं कि पत्रकार उनसे सवाल ही नहीं पूछ पाता है, देश में ऐसा कोई और नेता नहीं है।
13. राहुल जी इतने चुनाव हार चुके हैं लेकिन फिर भी उनकी माताजी, उनकी पार्टी के लोग उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रधानमंत्री उम्मीदवार घोषित कर देते हैं और राहुल जी उसे सहर्ष स्वीकार भी कर लेते हैं ये अलग बात है कि राहुल जी की माताजी हर हार के बाद उस प्रदेश के चुनाव प्रभारी से सवाल जवाब करतीं हैं और उनको पद से हटा भी देती है।
14. इतनी हार के बावजूद जीत का भरोसा रखना और आसानी से न मिले तो साम, दाम, दण्ड भेद सब अपनाना ये भी राहुल जी की ख़ासियत है।
15. इन सारी खूबियों के साथ साथ राहुल जी की सबसे बड़ी खूबी ये है कि वे मोदीजी के कांग्रेस मुक्त भारत के मिशन को साकार करने में लगे हुए हैं और अपनी पार्टी की बड़ी से बड़ी हार के बाद भी गालों में डिम्पल लिए अपनी मोहक मुस्कान से सबका दिल जीत लेते हैं।
आप ऐसे ही करते रहें राहुल जी।
राहुल गाँधी ज़िंदाबाद !!
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