Friday, 22 June 2018

जागो जनता जागो

भारत की जनता बहुत भूल्लकड़ थी...
जी हां थी..अब नहीं रही...
अब जाग चुकी है...
दुःख केवल इतना ही है...
वैचारिक गुलामों की आज भी कमी नही..
इन ससुरों के इतनी भी बुद्धि नहीं है...
भारत लाख क्षमताओं के बावजूद अरबी लुटेरों व अंग्रेजों के आधिपत्य में क्यूं रहा...
पाकिस्तान क्यूं बना...
चीन ने भारत को क्यूं शर्मशार किया...
जो इतना चिंतन नहीं कर सकते...
उन्हें केवल व केवल लं.....त प्रणाम

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