हे भगवानों .. तुम्हारे लल्लन टॉप टेन मंदिरों का टनाटन कोष ही अरबों खरबों का जिसमें 20 बिलियन से ज्यादा तो पद्मनाभ मन्दिर के ही हेंगे जिनमें से आधा तो केरल के लोगों का ही दिया हुआ सीधे देने से लेके टकले हो होके जिनके बाल आज भी बिक रिये हेंगे बेहतरीन क्वालिटी के होने के चलते .. बाकी . पैदा होने से लेकर मरने तक के नाम तक का दिया हुआ और इस विश्वास से दिया हुआ कि आप उनकी हमेशा रक्षा करेंगे ।
इतना देने के बाद भी आप काम नहीं आये .. ऊपर से उन्हें कुत्ते बिल्लियों से मारने प्रलय सी बारिश भेज दी .. उनका investement तो व्यर्थ गया ना .. तो चलो ब्याज न दो भई .. उनका दिया मूल ही लौटा दो .. वो मुसीबत में हैं । क्या करोगे इतने अरबों दबाकर जिसका कोई रिटर्न ही नहीं मिला किसी को ? जबकि तुम्हारा हफ्ते हफ्ते का टर्नओवर तक करोड़ों का । ऊपर जाते वक्त क्या साथ जाएगा ?
osss .. सॉरी ... ऊपर तो आप ही हो ..
तो ये नीचे कौन है भई ? कौन से भगवान जो भगवान के नाम पर भगवान बने हुए हैं .. भगवान के नाम बिना रिषेशन के धंधे से हफ्ते हफ्ते करोड़ों का माल कूट रहे हैं और भगवान होते भी मदद नहीं कर रहे अपने भक्तों की ?
कुछ तो काम करो भई भगवानों .. भगवानों जैसा .. वर्ना कयामत के दिन क्या मुंह लेकर जाओगे भगवान के सामने ?
ओ साईं बाबा .. आप ही कुछ दे दो बाबा .. आप तो जो मांगते थे सब बांट देते थे .. तो जाने के बाद अब इतना क्यों दबाये बैठे हैं अपने एकाउंट में ? अपनी झोली खोलिये बाबा जो इतनी भर चुकी की फट ही न जाये किसी दिन .. टॉप 3 भगवान हेंगे आप आज की तारीख में .. फिर हो जाईयेगा .. अभी तो कुछ बांट दो महाराज.. एकाउंट नंबर तो होगा आपके पास केरल के लोगों को मदद पहुंचाने के लिए .. या वहां जाकर ही कर दीजिए ।
और हां .. अल्लाह और जीजस क्या कर रहे हैं ? करिये कुछ चमत्कार .. वहां आपके भक्त भी तो हैं .. वे पुकार रहे हैं आपको ..
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