Wednesday, 21 December 2016

आखिर क्या हुआ असर नोटबंदी का ??

जो कदम देश हित में है मै उसका समर्थन करता हु , पर प्रधानमंत्री जी को भी एक कमैटी ऐसी गठित करनी चाहिए थी जो आपातकाल हालातों को सूचनाप्राप्त होते ही तत्काल उसके हल की उचित व्यवस्था हो, मैं जानता हूं कि इस वक़्त देश में लाखों करोड़ नोटों की हेरा फ़ेरी करने की फिराक में तमाम कालेधन वाले रास्ता खोजने में घूम रहे है , सबकी बोलती बंद है , पर कमसेकम् गरीब का ध्यान रखते हुए , श्री अखिलेश यादव (मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश्) का सुझाव का ध्यान रखते हुए , रूलर में नोट बदली हेतू बैन की उचित व्यवस्था कर देनी चाहिए थी , इस कदम को उठाए जाने में कतई देरी नहीं करनी चाहिए थी , मै इसका समर्थन करता हु , और जो नोट बदली के चलते मौत के घाट उतर रहे है उनकी जिम्मेदारी बैंक मैनेजरों को देनी चाहिए की यदि उचित व्यवस्था न पाए जाने पर उनके खिलाफ fir किये जाने का प्रावधान भी शामिल किया जाना चाहिए था , ताकि बैंक में लोगो के साथ कुत्तों जैसा बर्ताव न किया जा सके , कतार में लगे लोगो के लिए , पानी ठंडा व् नाश्ता इत्यादि की भी उचित व्यवस्था का भी इस कार्य में प्रावधान शामिल किया जाना चाहिए था , 

Monday, 5 December 2016

नौकरी या रिश्तों में दबाव महसूस कर रहे हैं तो यह कहानी जरूर पढ़ें...


अगर मेंढक को गर्म उबलते पानी में डाल दें तो वह छलांग लगा कर बाहर आ जाता है लेकिन यदि उसी मेंढक को सामान्य तापमान के पानी में रखें और धीरे धीरे उस पानी को गर्म करते जाएं तो थोड़ी देर बाद वह मर जाता है।
 क्या आपको पता है ऐसा क्यों होता है? 
नहीं ना, तो हम बताते हैं। इस कहानी का मेंढक मरने से पहले आपको बहुत कुछ सिखा जाएगा।
दरअसल होता यह है कि जैसे जैसे पानी का तापमान बढ़ता है, मेंढक उस तापमान के हिसाब से अपने शरीर को एडजस्ट करने लगता है। पानी का तापमान खौलने तक वह ऐसा ही करता रहता है। अपनी पूरी उर्जा वो पानी के तापमान से तालमेल बनाने में खर्च करता है। लेकिन जब पानी खौलने को होता है तब मेंढक अपने शरीर को उसके अनुसार समायोजित नहीं कर पाता। अब वो पानी से बाहर आने के लिए, छलांग लगाने की कोशिश करता है लेकिन अब ये मुमकिन नहीं है। क्योंकि सारी ऊर्जा उसने पानी के साथ एडजस्ट होने में खर्च कर दी। अब छलांग लगाने की शक्ति उसमें बची ही नहीं। अब वो पानी से बाहर नहीं आ पाता है और वहीं मर जाता है।
अब सवाल यह है कि मेंढक को किसने मारा?
दरअसल मेंढक को मारा सही वक्त पर फैसला न लेने की उसकी अयोग्यता ने। वह यह तय नहीं कर सका कि उसे कब पानी से बाहर छलांग लगाना थी।
सीख
यही गलती हम भी करते हैं। हम अपने वातावरण और लोगों के साथ सामंजस्य बनाए रखने की तब तक कोशिश करते हैं, जब तक छलांग लगाने कि हमारी सारी ताकत खत्म नहीं हो जाती। लोग हमारे इस तालमेल बनाए रखने की काबिलियत को कमजोरी समझते हैं। इसे हमारी आदत और स्वभाव समझते हैं। उन्हें भरोसा होता है कि वो कुछ भी करें, हम तो मेंढक की तरह एडजस्ट कर ही लेंगे और वो तापमान बढ़ाते जाते हैं। हकीकत यही है कि नौकरी हो रिश्ते हों या फिर समाज। हमारा शोषण करने वाले लोगों के बीच हम खुद को एडजस्ट करते जाते हैं।

Bachpan ki sikh...

बचपन में मैं एक बार बाज़ार से एक छोटी सी रंगीन मछली खरीद कर लाया था और
उसे शीशे के जार में पानी भर कर रख दिया था।
मछली सारा दिन गुमसुम रही।
मैंने उसके लिए खाना भी डाला, लेकिन वो चुपचाप इधर-उधर पानी में अनमना सा घूमती रही।
सारा खाना जार की तलहटी में जाकर बैठ
गया, मछली ने कुछ नहीं खाया। दो दिनों तक वो ऐसे ही रही, और एक सुबह मैंने देखा कि वो पानी की सतह पर उल्टी पड़ी थी।
आज मुझे घर में पाली वो छोटी सी मछली याद आ रही थी।
बचपन में किसी ने मुझे ये नहीं बताया था, अगर मालूम होता तो कम से
कम दो, तीन या ढ़ेर सारी मछलियां खरीद लाता और मेरी वो प्यारी
मछली यूं तन्हा न मर जाती।
बचपन में मेरी माँ से सुना था कि लोग मकान बनवाते थे और रौशनी के लिए कमरे में दीपक रखने के लिए दीवार में इसलिए दो मोखे बनवाते थे क्योंकि माँ का
कहना था कि बेचारा अकेला मोखा गुमसुम और उदास हो जाता है।
मुझे लगता है कि संसार में किसी को अकेलापन पसंद नहीं।
आदमी हो या पौधा, हर किसी को
किसी न किसी के साथ की ज़रुरत होती है।
आप अपने आसपास झांकिए, अगर कहीं कोई अकेला दिखे तो उसे अपना
साथ दीजिए, उसे मुरझाने से बचाइए।
अगर आप अकेले हों, तो आप भी
किसी का साथ लीजिए, आप खुद को भी मुरझाने से रोकिए।
अकेलापन संसार में सबसे बड़ी सजा है। गमले के पौधे को तो हाथ से खींच
कर एक दूसरे पौधे के पास किया जा सकता है, लेकिन आदमी को करीब लाने के
लिए जरुरत
होती है रिश्तों को समझने की, सहेजने की और समेटने की।
अगर मन के किसी कोने में आपको लगे कि ज़िंदगी का रस सूख रहा है,
जीवन मुरझा रहा है तो उस पर रिश्तों के प्यार का रस डालिए।
खुश रहिए और मुस्कुराइए।
कोई यूं ही किसी और की गलती से आपसे दूर हो
गया हो तो उसे अपने करीब लाने की कोशिश कीजिए !

AAJ KUCH GYAN KI BAATEN...


1) दुनिया की सबसे बड़ी ताकत पुरुष का विवेकऔर महिला की सुन्दरता है।
2)हर मित्रता के पीछे कोई स्वार्थ जरूर होता है, यह कड़वा सच है।
3)अपने बच्चों को पहले पांच साल तक खूब प्यार करो।छः साल से पंद्रह साल तक कठोर अनुशासन और संस्कार दो।
सोलह साल से उनके साथ मित्रवत व्यवहार करो।
आपकी संतति ही आपकी सबसे अच्छी मित्र है।"
4)दूसरों की गलतियों से सीखो अपने ही ऊपर प्रयोग करके सीखने को तुम्हारी आयु कम पड़ेगी।
5) किसी भी व्यक्ति को बहुत ईमानदार नहीं होना
चाहिए। सीधे वृक्ष और व्यक्ति पहले काटे जाते हैं।
6) अगर कोई सर्प जहरीला नहीं है तब भी उसे जहरीला दिखना चाहिए वैसे दंश भले ही न
हो पर दंश दे सकने की क्षमता का दूसरों को अहसास करवाते रहना चाहिए।
7) कोई भी काम शुरू करने के पहले तीन सवाल अपने आपसे पूछो...
मैं ऐसा क्यों करने जा रहा हूँ ?
इसका क्या परिणाम होगा ?
क्या मैं सफल रहूँगा?
8)भय को नजदीक न आने दो अगर यह नजदीक आये इस पर हमला कर दो यानी भय से भागो मत
इसका सामना करो।
9) काम का निष्पादन करो, परिणाम से मत डरो।
10) सुगंध का प्रसार हवा के रुख का मोहताज़ होता है पर अच्छाई सभी दिशाओं में फैलती है।"
11) ईश्वर चित्र में नहीं चरित्र में बसता है
अपनी आत्मा को मंदिर बनाओ।
12) व्यक्ति अपने आचरण से महान होता है
जन्म से नहीं।
13) ऐसे व्यक्ति जो आपके स्तर से ऊपर या नीचे के हैं उन्हें दोस्त न बनाओ, वह तुम्हारे कष्ट का कारण बनेगे। समान स्तर के मित्र ही सुखदायक होते हैं।
14 ) अज्ञानी के लिए किताबें और अंधे के लिए दर्पण एक समान उपयोगी है।
15) शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है।
शिक्षित व्यक्ति सदैव सम्मान पाता है।
शिक्षा की शक्ति के आगे युवा शक्ति और सौंदर्य
दोनों ही कमजोर है


राजा भोज ने कवि कालीदास से दस सर्वश्रेष्ट सवाल किए
1- दुनिया में भगवान की सर्वश्रेष्ठ रचना क्या है?
उत्तर- ''मां''
2- सर्वश्रेष्ठ फूल कौन सा है?
उत्तर- "कपास का फूल"
3- सर्वश्र॓ष्ठ सुगंध कौनसी है
उत्तर- वर्षा से भीगी मिट्टी की सुगंध ।
4-सर्वश्र॓ष्ठ मिठास कौनसी
- "वाणी की"
5- सर्वश्रेष्ठ दूध-
"मां का"
6- सबसे से काला क्या है
"कलंक"
7- सबसे भारी क्या है
"पाप"
8- सबसे सस्ता क्या है
"सलाह"
9- सबसे महंगा क्या है
"सहयोग"
10-सबसे कडवा क्या है
ऊत्तर- "सत्य".


वो डांट कर अपने बच्चो को अकेले मे रोती है,
वो माँ है, और माँ एसी ही
होती है ।

जितना बडा प्लाट होता है, उतना बडा बंगला नही होता !!
जितना बडा बंगला होता है,उतना बडा दरवाजा नही होता !!
जितना बडा दरवाजा होता है ,उतना बडा ताला नही होता !!
जितना बडा ताला होता है , उतनी बडी चाबी नही होती !!
परन्तु चाबी पर पुरे बंगले का आधार होता है।

इसी तरह मानव के जीवन मे बंधन और मुक्ति का आधार मन की चाबी पर ही निर्भर होता है।
है
मानव....तू सबकुछ कर पर किसी को परेशान मत कर,जो बात समझ न आऐ उस बात मे मत पड़ !
पैसे के अभाव मे जगत 1% दूखी है,समझ के अभाव मे जगत 99% दूखी है !!!
आज का श्रेष्ठ विचार:-
यदि आप धर्म करोगे तो भगवान से आपको माँगना पड़ेगा...,
लेकिन यदि आप कर्म करोगे तो भगवान को देना पड़ेगा..!

अतुल्य भारत


बचपन में हमें पढ़ाया जाता था कि योरप के देश धनवान हैं | वहाँ की जलवायु ठंडी है इसलिए वहाँ के मजदूर अधिक काम कर सकते हैं | 

भारत एक गरीब देश है क्योंकि इसकी जलवायु गरम है इसलिए यहाँ के मजदूर अधिक काम नहीं कर सकते |हम क्या कर सकते थे ? हमें वही पढ़ना और अध्यापकों को वही पढ़ाना पड़ता था जो सरकार की पुस्तकों में निर्धारित होता था लेकिन पता नहीं, हमारा मन क्यों नहीं मानता था | वह देश जो गरम जलवायु के बावज़ूद एक हजार वर्षों तक विदेशी शासनों का बोझ उठा सकता है, जिसके सैनिक दुनिया में अंग्रेजों का शासन कायम रखने के लिए प्रथम और द्वितीय विश्व युद्ध में दुनिया की सबसे शक्तिशाली सेनाओं से लोहा ले सकते हैं, जहाँ के किसान फीजी, सूरीनाम, मारीशस, गुयाना, त्रिनिदाद जैसे देशों में जाकर वहाँ की ज़मीन को उपजाऊ बनाकर अपने विदेशी मालिकों के लिए 'सफ़ेद सोना' (चीनी) के लिए गन्ना उगा सकते हैं वे गोरे श्रमिकों से कमतर या काहिल कैसे हो सकते हैं ? लेकिन क्या किया जाए |भाषा, धर्म,सभ्यता और संस्कृति के बारे में भी ऐसी ही बहुत सी बातें योजनाबद्ध तरीके से लोगों के मन में बैठाई गई थीं |रंग रूप के बारे में भी हमारे मन में यह बैठा दिया गया था कि गोरे लोग ही सुन्दर होते हैं जिसके कारण आज देश में गोरा बनाने वाली क्रीमों का हजारों करोड़ का व्यापार फैला हुआ है |
आज हमने जब तोताराम से अंग्रेजों की इस कूटनीति के बारे में चर्चा की तो बोला- अब यह धारणा गलत सिद्ध हो गई है |हमारे यहाँ के मजदूर दुनिया के सबसे शक्तिशाली और कर्मठ प्राणी हैं और कमाई के क्षेत्र में भी विदेशी मजदूरों से बहुत आगे हैं |
भारतीय खाद्य निगम के तीन सौ अस्सी मजदूर तो ऐसे हैं रोजाना एक-एक क्विंटल की कम से कम एक-एक हजार बोरियाँ ट्रकों में चढ़ा-उतारते हैं और साढ़े चार लाख रुपए महिने तक कमाते हैं |
तेरे इस कथन का क्या आधार है ?
इतना तो यहाँ के मैनेजरों, डाक्टरों, इंजीनीयरों, प्रोफेसरों तक को नहीं मिलता |
प्राइवेट कालेजों, स्कूलों में तो दस-बारह हजार में लोग पढ़ा रहे हैं |
चपरासी की नौकरी के लिए रिक्तियों से हजारों गुना अर्जियां आती हैं |
बोला- यह मेरी कोई गप्प नहीं है यह तो बुज़ुर्ग
 भाजपा नेता शांताकुमार जी की अगुआई में गठित कमेटी की रिपोर्ट है | |
जब भारत में बना एक स्कूटर भैंस को हरियाणा से पटना ले जा सकता है, बिहार की एक मुर्गी एक दिन में आठ सौ रुपए का दाना खा सकती है, सोलह हजार के एक कम्प्यूटर का एक दिन का किराया ही सोलह हजार मिल सकता है तो यहाँ का एक मजदूर कोई चमत्कार क्यों नहीं कर सकता ?
हमने कहा- ऐसे चोर-चमत्कारियों के बल पर ही यह देश 'अतुल्य भारत' है |


kya ये प्रधान मंत्री देश को लूट रहा है ???


शराब व्यापारी माल्या भाजपा का सांसद था 

उसने बैंकों से नौ हज़ार करोड़ रूपये का कर्ज लिया हुआ था 
उसके ऊपर कोर्ट में केस चल रहे थे 
सबको पता था यह विदेश भाग सकता है 
लेकिन मोदी सरकार नें उसे रोकने के लिए पुलिस में कोई रिपोर्ट नहीं लिखवाई 
जब माल्या भाग गया तब सरकार नें कोर्ट को बताया कि माल्या तो विदेश भाग गया
भारत के बैंकों का लगभग दस लाख करोड़ रुपया इसी तरह के अमीरों की कंपनियों नें खा लिया है
रिजर्व बैंक के गवर्नर नें बैंकों से कहा कि इन कंपनियों की संपत्ति पर कब्ज़ा करके अपना कर्जा वसूल करो 
संघ के एक नेता नें बताया कि रिजर्व बैंक के इस आदेश से अमीर उद्योगपतियों में खलबली मच गयी 
इसके बाद भारत के प्रधान मंत्री कार्यालय नें सरकार के एक सुझाव दिया कि रिजर्व बैंक चार लाख करोड़ रुपया घाटे में चल रहे बैंकों को दे दे
यानी अब बैंक अमीरों की कंपनियों से अपना कर्जा वापिस ना लें और उनकी संपत्ति पर भी कब्ज़ा ना करें 
क्योंकि रिजर्व बैंक उन्हें चार लाख करोड़ रुपया दे देगा 
इससे अमीरों की कंपनियां तो बच जायेंगी 
लेकिन रिजर्व बैंक कमज़ोर हो जाएगा
लेकिन भारत के पुराने सस्थानों को नष्ट करने का मोदी सरकार का यह कोई पहला मामला नहीं है 
मोदी सरकार जब से आयी है तब से वह भारत की पुरानी संस्थाओं को नष्ट कर रही है
सबसे पहले मोदी सरकार नें योजना आयोग को नष्ट किया 
इसके बाद पंचायत विभाग को बंद करने की कगार पर ले आयी है 
अब मोदी सरकार अमीर उद्योगपतियों को फायदा पहुँचाने के लिए रिजर्व बैंक को लूटने की योजना बना रही है
एक तरफ मोदी सरकार बूढ़े यात्रियों को ट्रेन के किराये में मिलने वाली छूट खतम करने में लगी हुई हैं 
वहीं वह देश के जनता के खजाने को अमीरों की तिजोरी में पहुंचा रही है
जनता को भारत माता की जय की नारेबाज़ी में फंसा दिया गया है 
और चुपचाप खजाने पर हाथ साफ़ किया जा रहा है
मोदी सरकार अब तक की सबसे बड़ी घोटाले बाज़ सरकार है
और आप यह मत कहियेगा कि मोदी खुद भ्रष्ट नहीं है 
वह खुद भी भारत का सबसे बड़ा भ्रष्ट नेता है 
आप मोदी की गूगल पर कोई भी तस्वीर देख लीजिए 
उसमें किन्हीं भी दो कार्यक्रमों में मोदी नें एक जोड़ा कपड़ा दुबारा नहीं पहना 
मोदी दिन में लगभग पांच बार सूट बदलता है 
मोदी के एक सूट की औसत की मत दो लाख रूपये है 
मोदी के एक दिन के कपड़ों की कीमत दस लाख रूपये है 
यानी तीन करोड़ रूपये महीना सिर्फ कपड़ों का खर्चा 
ऐसा खर्चीला आदमी इमानदारी कर ही नहीं सकता
ऐसा खर्चीला आदमी कभी भ्रष्ट और देश को लूटने वाले उद्योगपतियों पर कार्यवाही कर ही नहीं सकता 
ऐसा भ्रष्ट प्रधान मंत्री देश के खजाने को लूटने में सहयोग देगा ही
ईमानदारी सादगी में से निकलती है 
ये प्रधान मंत्री देश को लूट रहा है 
मोदी भारत को परमानेंट नुकसान पंहुचा कर जाएगा 
ये भारत का खजाना भी लूटेगा 
सत्ता के लिए भारत के भाईचारे को नष्ट करेगा 
अमीरों के लिए आदिवासियों को मारेगा और महिलाओं से बलात्कार करवाएगा 
मोदी भारत का बुरा वख्त है
वायर मेगेज़ीन में प्रकाशित नीचे लिखी रिपोर्ट इन बातों का और भी खुलासा करती है
वायर मेगेज़ीन में प्रकाशित नीचे लिखी रिपोर्ट इन बातों का और भी खुलासा करती है
http://thewire.in/…/dipping-into-rbis-capital-and-reserves…/

'' Sarkar ki yojnao ka Khade se DURUPYOG ''

एक रियल घटना पान की दुकान पर खडे एक 35 वर्षीय युवक से बातचीत के कुछ अंश........
मैनें पूछा कुछ कमाते धमाते क्यों नहीं...?
वह बोला :-- क्यो.?😳

मैं बोला :-- शादी कर लो ...?
वह बोला :-- हो गई ..😊
मैं बोला :-- कैसे...??
वह बोला :-- मुख्यमंत्री कन्यादान योजना से...😊
मैं बोला :-- फिर बाल बच्चों के लिये कमाओ...?
वह बोला :-- जननी सुरक्षा से डिलेवरी फ्री और साथ मे 1400 रू का चेक...😊
मैने बोला :-- बच्चो की पढ़ाई लिखाई के लिये कमाओ..?
वह बोला :-- उनके लिये पढ़ाई,यूनिफार्म,किताबें और भोजन सब सरकार की तरफ़ से फ्री...!
साथ में लड़का MBBS कर रहा है,BPL होने की वजह से उसे स्कोलरशिप भी मिलती हैं उस से हम ऐश करते हैं।

मैने बोला :-- यार घर कैसे चलाते हो ?
वह बोला :-- छोटी लड़की को अभी सरकार से साइकिल मिली हैं।
लड़के को लैस टाप मिला है।मॉ-बाप को वृद्धावस्था पेन्शन मिलती है और 1 रूपये किलो गेहू और चावल भी तो मिलता हैं ।

मैं झुझलाँ कर बोला यार माॅ-बाप को तीर्थयात्रा के लिये तो कमा ...??
वह बोला-दो धाम करवा दिये हैं मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा से...!
मुझे गुस्सा आया और मैंने बोला :--
माॅ बाप के मरने के बाद जलाने के लिये तो कमा..?

वह बोला :-- 1 रू में विद्युत शवदाह गृह हैं..!
मैंने कहा :-- अपने बच्चों की शादी के लिये तो कमा..?
वह मुस्कुराया और बोला :--
फिर वहीं आ गये... वैसे ही होगी जैसे मेरी हुई थी...!!😀

यार एक बात बता ये इतने अच्छे कपड़े तू कैसे पहनता हैं ?
वह बोला :-- राज की बात हैं..फिर भी मैं बता देता हूँ...
"सरकारी जमीन पर कब्जा करो आवास योजना मे लोन लो और फिर मकान बेच कर फिर जमीन कब्जा कर पट्टा ले लो...!!"
तुम जैसे लाखों लोग काम करके हमारे लिए टैक्स भर ही रहे हैं।फिर हम काम क्यों करें।

Friday, 2 December 2016

वर्तमान में आप और हम ..???

 
कितना अच्छा लगता है ......


आप रेलवे प्लेटफार्म पर ----
या 
एयर पोर्ट पर 
कभी इंतजार किया है ---
और उस इंतजार में यदि कोई कहे ---
की ----
भाई साहब !
आइये लेते है एक - एक कोफ़ी 
तो उस समय आप को कैसा लगता है ?
चलिए मैं बताये देता हूँ 
यदि कोई अपना पहले का जाना - पहचाना है ......
तबतो अन्दर तेज लहर नहीं उठती , पर यदि सज्जन अनजानें हैं फिर ......
क्या पूछना , प्यार का तूफ़ान अन्दर उठनें लगाता है , 
कारण क्या होता है ? ...
अनजानें से इतना प्यार
और .....
जिसको जानते हैं , उस से बच कर निकलना चाहते हैं ॥ 
हम चाहते हैं ----
सब को जानना और खासतौर पर ----
सब की कमजोरियों को जानना , 
पर ----
हम यह नहीं चाहते की कोई हमारी कमजोरियों को जान सके ----
है न मजे की बात .....
सब का ब्यापार एक - झूठ का ब्यापार 
और सब .....
एक दूसरे से किस प्रकार का भाव रख रहे हैं , 
ज़रा इस बात पर सोचिये ॥ 
नया ब्यक्ति जब मिलता है तब मन कहता है ---
नया पंछी है , सूना डालो ,
जितना अन्दर काफी दिनों से भर रहा है , 
इसके पहले की --
वह भी औरों की तरह तुमको जान जाए । 
और जब वह कहता है की --
भाई साहब कुछ सुनाइये -- फिर क्या ....
ऐसा लगताह ई जैसे --
चट्टान पर डूब घास उग गयी हो ...
रेगिस्तान में जैसे बीस साल बाद बुँदे पड़ी हो 
और ---
तब कोफ़ी का पेमेंट हम स्वयं कर देते हैं और धीरे से कहते हैं ,
चलिए बैठ कर बातें करते हैं ॥
इन्सान  इनसान  को धोखा दे रहा है ,
इंसान प्रकृति को धोखा दे रहा है ,
इंसान स्वयं को धोखा दे रहा है ,
आखिर इंसान जा किधर रहा है ?
दूसरों को पहचाननें के पहले 
स्वयं को 
पहचानना सीखो ॥ 

आप कौन से वाले हो भगवान वाले या अल्लाह वाले ???



तलाशिये ऐसे लोगों को -------
## जो मध्य उम्र के हों और उनके अन्दर भगवान या अल्लाह की सोच किसी न किसी रूप में हो .........

## जो भगवान या अल्लाह के नाम पर सिकुड़ न जाते हों .......
## जो भगवान या अल्लाह से डरते न हों ......
## जो भगवान या अल्लाह को अपनें साथ - साथ साकार रूप में रखना चाहते हों .....
## जो भगवान या अल्लाह को अपनी ढाल न बना कर रखना चाहते हों .....
## जो भगवान या अल्लाह से वह सब न चाहते हों जो उनके लिए असंभव लग रहा हो ......
लोग भगवान या अल्लाह को क्यों चाहते हैं ?
** क्यों की भगवान या अल्लाह कुछ कहता नहीं ------
** क्योंकि भगवान या अल्लाह तर्क - वितर्क नहीं करता ------
** क्योंकि भगवान या अल्लाह कुछ फूल , कुछ अक्षत [ चावल ] , सड़ा-गला फल से खुश हो कर वह देता है , 
जो .....
[क] लगभग असंभव होता है .....
[ख] जो किस्मत बदल देता है ....
[ग] जो पुत्र - धन देता है .....
[घ] जो अति सुन्दर नारी देता है ....
[च] जो सुख , सम्पति देता है .....
भला ऐसे को कोई क्यों नहीं चाहेगा 
जो -----
तन , मन , सुबुद्धि , धन - दौलत , पुत्र , नारी और मरनें के बाद स्वर्ग , जहां के भोग के लिए देवता 
भी तरसते हैं .......
जिसकी मांग शून्य हो ......
अब आप सोचिये =======
जब मन - बुद्धि में इतना कूड़ा - करकट भरा है 
तो क्या ....
हमभगवान या अल्लाह को हासिल कर सकते हैं ?
भाई ! कहाँ चले , परमात्मा को तलाशनें -ज़रा -------
अपनें अन्दर झाँक कर देखना , कहीं वह .......

आखिर गधा कौन ???


हम या ये जो नीचे है ? > ?



यह पोस्ट उन गधों के लिए है जो देवी देवताओं की फोटो डालने के साथ लिखते हे इसको इतने लोगो को forward करो इग्नोर मत करना आज मंगलवार है फलाना ढिमका, जल्दी शेयर करो शाम तक एक अच्छी खबर मिलेगी और जाने क्या क्या...👤 

मेरे प्यारे मित्रो भगवान को फेसबुक ओर whatsapp  और FB के सामग्री मत बनाओ 

अगर आपको वास्तव मेँ आस्था ओर विश्वास है तो एक घंटे के लिए whatsapp  और FB  बंद करके किसी पास वाले मंदिर मेँ चले जाओ वहाँ पर आपको शांति का अहसास होगा 

जो whatsapp  और FB पर फॉरवर्ड करने से नहीँ मिलेगा...👤 

भगवान की फोटो डाले पर किस तरह का कोई चमत्कार न दिखाए....

👤       हम आपके इस तरह के अफ़वाहों को रोकने की आशा करते हे न की अंधी दौड़ मेँ शामिल होने की.....

👤      भगवान हमें बुद्धि सोचने समझने के लिए दी है....

👤      कौन से शास्त्र मेँ लिखा हे कि 21 वीँ सदी मे whatsapp  और FB  पे मेरा फोटो फारवर्ड करना शाम तक अच्छी खबर मिलेगी ...

👤       हम आप से इस तरह की मूर्खतापूर्ण बातो की आशा नहीँ करते...👏

 उम्मीद है आप सब ईस पोसट को शेयर करके अपना योगदान देगे .

बलात्कार की सजा आखिर क्या ? > ?





🎌





👉अमेरिका :

पीड़िता की उम्र और क्रूरता को देखकर उम्रकैद या 30 साल की सजा दी जाती है। 

👉 रूस :- 

20 साल की कठोर सजा.

👉चीन - 
No Trial, मेडिकल जांच मे प्रमाणित होने के बाद मृत्यु दंड.
👉 पोलेंड - 
सुवरो से कटवा कर मौत Death thrown to Pigs
👉 इराक - 
पत्थरो से मार कर हत्या .Death by stone till last breath 
👉 ईरान - 
24 घंटे के अंदर पत्थरो से मार दिया जाता है या फांसी 
👉दक्षिण अफ्रीका : 
20 साल की जेल
👉 सऊदी अरब : 
फांसी या यौनांगों को काटने की सजा 
👉 मंगोलिया - 
परिवार द्वारा बदले स्वरुप मृत्यु Death as revenge by family 
👉नीदरलैंड- : 
ेंयौन अपराधों के लिए अलग-अलग सजा बताई गई है। 
👉 कतर - 
हाथ,पैर,यौनांग काट कर पत्थर मार कर हत्या 
👉अफ़गिनिस्तान - 
4 दिनो भीतर सर मे गोली मार दिया जाता है. 
👉 मलेसिया - 
मृत्यु दंड Death Penalty
👉 कुवैत - 
सात दिनो के अंदर मौत की सजा.



👉


INDIA 
प्रदर्शन 
धर्ना  
जांच आयोग

समझौता 
रिश्वत 
लडकी की आलोचना 
मिडिया ट्रायल
राजनीतिकरन 
जातिकरन 
जमानत 
सालो बाद चार्जशिट 
सालो तक मुकदमा 
अपमान एवं जिल्लत 
और 
अंत मे दोषी का बच निकलना.


यदि आप सहमत है तो Share करे और आपको क्या लगता है, क्या सजा होनी चाहिये इन दरिन्दो की... ? 

एक रेड लाईट एरिया मे क्या खूब बात लिखी
पाई गई..

"यहाँ सिर्फ जिस्म बिकता है,
ईमान खरीदना हो तो अगले चौक पर 'पुलिस
स्टेशन' हैं |"
..
आप चाहते हैं,
कि आपकी तानाशाही चले और कोई आपका
विरोध न करे..
तो आप भारत में न्यायाधीश बन जाइये,
..
आप चाहते हैं,
कि आप लोगों को बेवजह पीटें लेकिन कोई आपको
कुछ न बोले..
तो आप पुलिस वाला बन जाइये,
..
आप चाहते हैं,
कि आप एक से बढ़कर एक झूठ बोलें अदालत में,
लेकिन कोई आपको सजा न दे,
तो आप वकील बन जाइये,
..
आप चाहते हैं,
कि आप खूब लूट मार करें,
लेकिन कोई आपको डाकू न बोले,
तो आप भारत में राजनेता बन जाइये,
..
आप चाहते हैं,
कि आप दुनिया के हर सुख मांस, मदिरा, स्त्री
इत्यादि का आनंद लें,
लेकिन कोई आपको भोगी न कहे,
तो किसी भी धर्म के धर्मगुरु बन जाओ.
..
आप चाहते हैं,
कि आप किसी को भी बदनाम कर दें,
लेकिन आप पर कोई मुकदमा न हो,
तो मीडिया में रिपोर्टर बन जाइये,
....
यकीन मानिये..
कोई आप का बाल भी बाँका नहीं कर पाएगा.
'' भारत में,
हर 'गंदे' काम के लिए एक वैधानिक पद उपलब्ध है '' 

€ IMAGIBATION BY SWAPNIL SHENDAY..




" पापा मुझे मेंहदी लगवानी है " पंद्रह साल की चुटकी बाज़ार में बैठी मेंहदी वाली को देखते ही मचल गयी.."कैसे लगाती हो मेंहदी " विनय नें सवाल किया.."एक हाथ के पचास दो के सौ" मेंहदी वाली ने जवाब दिया..
विनय को मालूम नहीं था मेंहदी लगवाना इतना मँहगा हो गया है..
"नहीं भई एक हाथ के बीस लो वरना हमें नहीं लगवानी"
यह सुनकर चुटकी नें मुँह फुला लिया..
"अरे अब चलो भी,, नहीं लगवानी इतनी मँहगी मेंहदी" विनय के माथे पर लकीरें उभर आयीं..
"अरे लगवाने दो ना साहब,, अभी आपके घर में है तो आपसे लाड़ भी कर सकती है.. कल को पराये घर चली गयी तो पता नहीं ऐसे मचल पायेगी या नहीं.. तब आप भी तरसोगे बिटिया की फरमाइश पूरी करने को"
मेंहदी वाली के शब्द थे तो चुभने वाले पर उन्हें सुनकर विनय को अपनी बड़ी बेटी की याद आ गयी जिसकी शादी उसने तीन साल पहले एक खाते-पीते पढ़े लिखे परिवार में की थी..
उन्होंने पहले साल से ही उसे छोटी-छोटी बातों पर सताना शुरू कर दिया था..
दो साल तक वह मुट्ठी भरभर के रुपये उनके मुँह में ठूँसता रहा पर उनका पेट बढ़ता ही चला गया..
और अंत में एक दिन सीढियों से गिर कर बेटी की मौत की खबर ही मायके पहुँची..
आज वह छटपटाता है कि उसकी वह बेटी फिर से उसके पास लौट आये और वह चुन चुन कर उसकी सारी अधूरी इच्छाएँ पूरी कर दे..
पर वह अच्छी तरह जानता है कि अब यह असंभव है..
"लगा दूँ बाबूजी?? एक हाथ में ही सही " मेंहदी वाली की आवाज से विनय की तंद्रा टूटी..
"हाँ हाँ लगा दो.. एक हाथ में नहीं,, दोनों हाथों में.. और हाँ!! इससे भी अच्छी वाली हो तो वो लगाना" विनय ने डबडबायी आँखें पोंछते हुए कहा और बिटिया को आगे कर दिया..
जब तक बेटी हमारे घर है,, उनकी हर इच्छा जरूर पूरी करे..
क्या पता आगे कोई इच्छा पूरी हो पाये या ना हो पाये..
ये बेटियां भी कितनी अजीब होती हैं..
जब ससुराल में होती हैं,, तब माइके जाने को तरसती हैं..
सोचती हैं कि घर जाकर माँ को ये बताऊँगी..
पापा से ये मांगूंगी..
बहन से ये कहूँगी..
भाई को सबक सिखाऊंगी..
और मौज मस्ती करुँगी..
लेकिन जब सच में माइके जाती हैं तो
एकदम शांत हो जाती है..
किसी से कुछ भी नहीं बोलती..
बस माँ बाप भाई बहन से गले मिलती है..
बहुत बहुत खुश होती है..
भूल जाती है कुछ पल के लिए पति ससुराल..
क्योंकि..
एक अनोखा प्यार होता है मायके में..
एक अजीब कशिश होती है मायके में..
ससुराल में कितना भी प्यार मिले,, माँ बाप की एक मुस्कान को तरसती है ये बेटियां..
ससुराल में कितना भी रोएँ,, पर माइके में एक भी आंसूं नहीं बहाती ये बेटियां..
क्योंकि..
बेटियों का सिर्फ एक ही आंसू माँ बाप भाई बहन को हिला देता है,, रुला देता है..
कितनी अजीब है ये बेटियां..
कितनी नटखट है ये बेटियां..

खुदा की अनमोल देन हैं ये बेटियां..
हो सके तो बेटियों को बहुत प्यार दें..
उन्हें कभी भी न रुलाये क्योंकि..
ये अनमोल बेटी दो परिवार जोड़ती है,, साथ लाती है अपने प्यार और मुस्कान से..
हम चाहते हैं कि सभी बेटियां खुश रहें हमेशा..
भले ही हो वो मायके में या ससुराल में।।

डर...

अखबारों ने बताया,टीवी पर सुना है, डरने लगे हैं आप हिंदुस्तान में, ये कैसा डर है... 130 करोड़ के देश के प्रधानमंत्री को गालियां देते हुए, ...