एक बहुत पुरानी और चर्चित गैर राजनैतिक कहानी।
एक दुकान के बाहर लिखा था कि इन्सानों की तरह बात करने वाला गधा बिकाऊ है..
एक आदमी दुकानदार से जाकर बोला, मैं उस गधे को देखना चाहता हूँ..
दुकानदार ने कहा, 'साथ के कमरे में बैठा है...जा कर मिल लो..
ग्राहक उस कमरे में गया, वहाँ कुर्सी पर एक हट्टा-कट्टा गधा बैठे बैठे...अपनी पुरानी फोटो देख रहा था!
उसने पूछा: 'क्यों भाई, तुम यहां क्या कर रहे हो ??
गधे ने बताया, "कर तो मैं बहुत कुछ सकता हूँ, लेकिन आजकल इस दुकान की चौकीदारी करता हूँ!
इससे पहले अमेरिका के जासूसी महकमे में काम करता था और कई खूंखार आतंकवादियों को पकड़वाया...फिर मैं इंग्लैंड चला गया जहां पुलिस के लिए मुखबरी करता था!
बहरहाल साढ़े चार साल से यहाँ हूँ!
उस आदमी ने दुकानदार से पूछा, मेरे भाई, तुम इतने गुणवान गधे को बेचना क्यों चाहते हैं ??
दुकानदार बोला, मोदीजी की कसम मेरे भाई...
ये अव्वल नम्बर का झूठा है।🙏🙏
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