Tuesday, 21 August 2018

लॉजिकल बातें 😊

बाहर रहने वाली लड़कियों के रूम   में मौजूद एक टेडी, बढ़िया से रंग का फोल्डिंग,एक से बढ़कर एक कंपनी की क्रीम और ढेर सारे कपड़े चीख चीखकर वहां किसी लड़की के रहने की गवाही देते है। जबकि बात लड़को की करे तो फोल्डिंग वोल्ड़िंग के खर्चे से लड़के यूँ तो बचने से भरसक प्रयास करते है पर अगर कोई कानपुर साइड का हुआ तो भौकाल (रुतबा) टाइट करने के फेर में फोल्डिंग ले आएगा वरना अधिकतर लौंडे ज़मीन पर ही गद्दे डालकर सोने में यकीन रखते है। टेडीबीयर जैसे बिना मतलब के ढकोसलों के लिए तो लड़को के पास बिल्कुल पैसा नही होता पर हां बिहार साइड के लोग क्रीम पर ज़रूर  खर्चा करते है बाकी फैले हुए बर्तन,गंदगी और इधर उधर पड़े हुए कपड़े ही एक कमरे को "लड़के का रूम" होने की पहचान दिलाते है।

No comments:

Post a Comment

डर...

अखबारों ने बताया,टीवी पर सुना है, डरने लगे हैं आप हिंदुस्तान में, ये कैसा डर है... 130 करोड़ के देश के प्रधानमंत्री को गालियां देते हुए, ...