Friday, 7 September 2018

"आडम्बर बनाम असलियत "

फिल्म आई PK !

उससे पहले Oh My God आयी थी , दोनो ही फिल्मों के समय हिंदुओ ने खूब हल्ला काटा , कि हमारे धर्म का मजाक उड़ाया गया , हमारे भगवानों का मजाक बनाया गया ।
आमिर खान हाय हाय , अक्षय कुमार हाय हाय !
क्यो भाई क्या गलत दिखाया गया इन दोनों फिल्मों में ?
जागरण में , पंडालों में जो कलाकार भगवान बने होते है वो बैक स्टेज दारू भी पीते है और बीड़ी भी , क्योंकि वो आस्था से ज्यादा रोजी रोटी को मानते है ।

हम हिन्दू क्यो अपने धर्म की बुराइयां एक्सेप्ट नही करते , क्यो नही मान लेते की ड्रामा चल रहा है धर्म और आस्था के नाम पर ।
रोज़ नए नए भगवान पैदा हो रहे है , पहले सिर्फ लक्ष्मी माता थी , अब अलग अलग मंत्रालय बांट दिए गए  , अलग अलग ब्रांच खोल दी गयी , जिससे सोर्स ऑफ इनकम बढ़े , धन लक्ष्मी , वैभव लक्ष्मी , संतान लक्ष्मी , शनि देव ( जिसने पिछले 10 सालों में सबसे ज्यादा तररकी की है ) , साई बाबा भी कमाई वाला मंत्रालय है ।

इन सब से भी मन नही भरता तो निर्मल बाबा , आशाराम बापू , राम रहीम इंसा , राधे माँ मतलब इंन्सानो से ज्यादा भगवान हो गए है । 33 करोड़ देवी देवता कम पड़ गए थे क्या ?

किसी कलाकार का भजन हिट हो जाये तो भगवान बना देंगे उसे , किसी जानवर के एक दो हाथ पैर ज्यादा हो गए तो भगवान बना देंगे उसे ।
किसी गरीब भूखे को खाना नही खिलाएंगे लेकिन मंदिर में दूध दही चढ़ा आएंगे । मतलब बेवकूफियत की हद होती है। 

इतने धकोचलो के बाद भी आप चाहते है हमारे धर्म पर कोई उंगली नही उठाये ।

बड़े बुजुर्गों और हमारे पूर्वजों को पता था कि हम अपनी संस्कृति , अपनी धरोहर , अपने संस्कार , अपने रिश्ते नही बचा पाएंगे , इस लिए हर एक जरूरत की चीज़ से धर्म को जोड़ दिया , जिससे हम उसे बचा कर रखे , भगवान के डर से ।

रक्षा बंधन से लेकर गोबर्धन पूजा तक इन्ही रिश्ते और संस्कारों को बचाने के लिए बनाए गए ।
तमाम कहावते और प्रथाएं भी संस्कृति और प्रकृति को बचाने के लिए बनाई गई ।

जैसे तुलसी कई रोगों में लाभदायक है तो उसे तुलसी माँ बना दिया , गंगा में भी चमत्कारी शक्तियां है , जड़ी बूटियां है हम उसे बचा कर रखे तो उसे धर्म से जोड़ दिया , शिव भगवान की जटाओं से निकाल दिया । इंद्र देव की पूजा क्योकि उससे फसल को पानी मिलता है इज्जत करो बारिश की ,साइंस बता चुका कि बारिश कैसे आती है कैसे बादल बनते है लेकिन आपको लगता है ऊपर इंद्र देव का दफ्तर है।  वहीं से जेड पम्प का बटन दबाया जाता है ।

पीपल की पूजा इस लिए कि अकेला दिन में भी आक्सीजन देने वाला पेड़ है । उल्टी चप्पल से भाग्य नही फूटते , गंदगी फैलती है । इस लिए इसी तरह के तमाम टोटके बनाये पूर्वजो ने ।

गाय पूजनीय है क्योंकि गोबर से लेकर दूध तक सब काम आते है । पर आज गाय के नाम पर कत्लेआम हो रहे है ।

मतलब धर्म ना खाने को देता है ना रक्षा करता है , धर्म की रक्षा हमे करनी होती है धर्म हमे अनुशासन सिखाता है ।

तो तातपर्य यह है कि पीके और ओह माई गॉड जैसी फिल्में हमे आईना दिखाती है , जो हमसे देखा नही जाता । अब कहोगे बाकी धर्मो का मजाक क्यो नही बनाया जाता तो इसका जवाब आपको आमिर खान की फ़िल्म सीक्रेट सुपरस्टार में मिल जाएगा ।

इस्लाम मे औरत की कितनी दुर्दशा है वो इस फ़िल्म में दिखाया गया है , तीन पीढ़ियों की औरतों का दर्द इसमे है । एक सोशल मेसेज के साथ , खैर मेसेज तो पहली दो फिल्मों में भी था लेकिन मैसेज पर गौर करे , हम अपने पूर्वजों के मैसेज नही समझ पाए ये तो है क्या !

सीक्रेट स्टार मे इस्लाम मे औरतों कि स्थिति दिखाई गई लेकिन किसी भी मुस्लिम संगठन ने विरोध नही किया ना कोई फतवा जारी किया गया , क्योकि उन्हें सच्चाई पता अपने धर्म की , इसी लिए चुप रहे , और बता दूं सीक्रेट सुपर स्टार भारत मे बनी फिल्मों में कमाई के मुकाबले चौथे नम्बर पर रहने वाली फिल्म है , बाहुबली के तुंरत पीछे ।

मंदिर मस्जिद बेकारा में जगह घेरे हुए है , इनकी जगह ऐसी बिल्डिंग बना दी जाए जहां लोग किताब कॉपी , दवाई , अनाज चढ़ाए और जरूरतमंद लेकर जाए ।
और पंडित के सर पर सीसीटीवी फिट कर दिया जाए ।

इस कसौटी पर गुरुद्वारे खरे उतरते है ।

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